Saturday, April 27, 2013

What is Authentic Ayurveda? How one can get it?

What is Authentic Ayurveda? How one can get it?

So many people asking me about the authentication of Ayurveda, how we can get the real Ayurveda medication and treatments?
Such questions arise because so many fake people and medicines are in the market booming right now. And a single incident from fake Ayurveda medicine or fake Ayurveda doctor destroys the trust of patient completely. Such things should not be done in society. So here is some brief ideas about Authentic Ayurveda…
well,  according to me Real authentic Ayurveda doctor or its center don’t do any kind of Show off, i seen so many authentic Ayurveda Doctors who dont have good set up (due to der personal reason), but they are very much dedicated to Ayurveda n very knowledgeable too. Having good interior office or such set up is not wrong, but along with that real authentic Ayurveda doctor is essential.
Ayurveda is not spa or massage therapy…Its unique science with its unique rules of diagnosis and treatments. So Ayurveda Doctor don’t insist for the spa therapy ever. Ayurveda and Spa is different thing completely.
Real Ayurveda doctor must be BAMS (Bachelor of Ayurveda Medicine and Surgery) degree holder and registered at State Ayurveda Council Board. So never ever go the fake doctors who juz done diploma in any related subject or Ayurveda named subject, or who are not BAMS degree holder.
An authentic Ayurveda doctor must diagnose the patient with Ayurveda protocol, Q&A session, and the other examinations. Then he does Diagnosis of Disease, Diseased Person and his/her Prakrutti.
According to the Ayurveda Diagnosis, he prescribes genuine Ayurveda medicines, advice Diet regulations as per diseases and body constitutes. And WHEN NEEDED he advise Panchkarma Therapies for that particular diseases.
Some fake doctors mix the allopathic medicine in herbs powders, that’s very wrong mode of practice. one can get good result from the medicine of Ayurveda but to get the relief in chronic diseases it takes minimum 7days of course with diet  follow up. If you find the miraculous result after eating one dose of any Ayurveda medicine, find it suspicious. Ayurveda is science its not magic which can decrease your chronic symptoms directly after one dose of it.  If you feel suspicious take the advice of other doctors and if necessary do the laboratory checkup at nearby laboratory.
People who are not qualified but claiming to have knowledge of Ayurveda from their elders / whose elders are Ayurveda doctors are also fake sometimes, so called Vaidyababa from Himalayas or so called spiritual baba or the person who claims to treat all kind of disease perfectly are also fake one. They can’t able to treat patients perfectly as they don’t gain the knowledge of it properly.
Panchkarma therapy (nowadays it’s called DETOXIFICATION – MASSAGE THERAPY) is only advised when it is essentially needed, if there is possibilities of healing via herbs n such internal medicines then there is no need of Panchkarma process.While giving such therapies to patient Genuine aurveda doctor confirms all the things including Prakrutti of patient and disease, age , current season and such so many factors.  According to me that so called packages of Panchkarma and only straight approach of Panchkarma are useless and not worthy at all.
Don’t buy any Ayurveda products directly after watching advertisements, ads in TVs, newspapers or in magazines are just way of marketing to sell their products. Remember Ayurveda is the science, its not a Health supplements. There is different medication for every individual.
To recognize fake person in this marketing era is difficult. So always consult Authentic Ayurveda Doctor and buy the medicine according to given advises. Self-medication may be not result oriented and may cause side effects too.
These are just examples where a patient can be cheated. So many loop holes are there in medical field. Both, Doctor and patient are responsible, and both can be capable to eradicate fake Ayurveda from society.
I am sure taking Ayurveda medicine from an authentic person of Ayurveda will bring healthy harmony in your life.
Dr,Jigar Gor 's Ayurveda in Gujarat
आधारभूत और सही आयुर्वेद क्या है ? कैसे हम इसे पा सकते हैं ??
बहोत सारी  बार अनेक पेशंट और लोग मुजे पूछते रहते हैं की आजकल सही आयुर्वेद का ट्रीटमेंट कैसे पाया जाये?
यह प्रश्न हर एक को हो सकता है क्यूँ की बिन आधारभूत / अनक्वालिफाइड डॉक्टर्स और आयुर्वेद के नाम पे मिलती (लेकिन आयुर्वेद की न हो वैसी ) दवाइयों से कई लोगो की जेब कटी  है और उनके स्वस्थ्य को हानि पहोंची है . इस तरह का एक ही प्रसंग पेशंट का आयुर्वेद पर का विश्वास तोड़ मरोड़ के रख देता है . आयुर्वेद को रोकने का या आयुर्वेद के नाम पे कम लेने का यह एक गलत षड़यंत्र चल रहां है जो की जरा भी सराहने लायक  नहीं है
यहाँ कुछ आयुर्वेद के सम्बन्धी बैटन का आपसे ध्यान रखने का अनुरोध करता हूँ -
मेरे मुताबिक , आयुर्वेद के सही डॉक्टर या सेंटर पे किसी भी प्रकार का दिखावा या आडम्बर नहीं होता है I  आच ऑफिस या इंटीरियर का होना गलत नै है लेकिन उसके साथ साथ क्वालिफाईद आयुर्वेद डॉक्टर का होना बहोत ही मायने रखता है I
दूसरी एक बात हमेंशा ध्यान में रखें की आयुर्वेद और स्पा थेरेपी या मसाज थेरेपी बिलकुल अलग अलग हैं I अगर कोई आयुर्वेद का डॉक्टर आपको स्पा लेने के लिए कहते है तो वो आयुर्वेद थेरेपी आपको नहीं दे रहे हैं इसका ध्यान रखें I
आयुर्वेद का डॉक्टर बी ऐ ऍम एस की डिग्री का धारक होता है और उस डिग्री का पंजीकरण राज्य के आयुर्वेद काउंसिल बोर्ड में हुआ होना आवश्यक है I इस तरह कभी भी उन डॉक्टर्स के पास ना जाएँ जिनके पास ये डिग्री नहीं है या फिर  जो केवल आयुर्वेद के नाम जैसी डिप्लोमा डिग्री दहरना किए हैं I
आयुर्वेद  का सच्चा डॉक्टर आपने पेशंट का निदान आयुर्वेद की पद्धति से करता है, आपको आपके ख्हाँ पान और जीवन शैली के प्रश्न पूछता है और अन्य तापस करके आपका , आपके रोग का और आपकी प्रकृत्ति का निदान करता है I  उसके हिसाब से आपको सही आयुर्वेद द्वाइयन सूचित करता है और खान-पान-जीवन शैल्ली में क्या तब्दीलियाँ  लानी हो वो भी सूचित करता है I अगर जरूरत हो तो आपको पंचकर्म थेरेपी के बारे में सम्जाकर उसे लेने का परामर्ष भी देता है I
कुछ गलत डॉक्टर आयुर्वेद के नाम पर विदेशी दवाइयां चूर्ण में मिलावट करके देते है , आयुर्वेद की कोई भी दवाई से एक ही बार की खुराक से चमत्कारिक या आश्चर्य जनक परिणाम नहीं मिलते , आयुर्वेद में परिणाम निश्चय ही मिलते हैं लेकिन पुराने रोगों में राहत मिलने के लिए कम से कम 7 दिन का समय लगता है I आयुर्वेद एक विज्ञान है कोई जादू नहीं है,आपके पुराने रोग में अगर आप कोई आयुर्वेद दवाई की एक ही खुराक से फर्क पड़ता है तो शायद उसमे कोई मिलावट हो सकती है I  अगर कभी भी आपको इस के बारे में आशंका  हो तो आपको मिली दवाई का लेबोरेटरी में जांच करवा सकते हैं या अन्य क्वलिफैएड आयुर्वेद डॉक्टर से सलाह ले I
जो लोग क्वालीफाई आयुर्वेद डॉक्टर नहीं है लेकिन पीढ़ियों से आयुर्वेद का उपचार कर रहे हैं या कहेने वाले वैद्य बाबा जो तम्बू डालके हिमालय से आनेवाले डॉक्टर बैठे हैं , या ऐसे डॉक्टर जो विशेष चमत्कार आयुर्वेद से करने का दावा करते है ये सभी लोग आयुर्वेद के नाम से लोगों को लुटने का धंधा करते है, करुय ऐसे लोगों के पास न जाएँ I ये लोग कभी भी अच्छे से उपचार नहीं कर सकते हैं I
पंचकर्म थेरेपी जो की आजकल मसाज थेरेपी से ज्यादा प्रचलित है I जब आयुर्वेद की औषधि से परिणाम मिलने वाला तय हो तब पंचकर्म की कोई आवश्यकता नहीं होती है, ये थेरेपी तब ही की जाती है जहाँ उसकी महत्तम जरुरत हो , और वह भी रुग्ण की प्रकृत्ति, उम्र, रोग की प्रकृत्ति अ, वह समय की ऋतू और ऐसे कई सारे मुद्दों पे धयन देकर ही पंचकर्म थेरेपी की सुनिस्चिती की जाती है I मुजे ऐसा लगता है की आज कल दिए जाने वाले पंचकर्म के पकेजिस से कोई भी फायदा नहीं  मिलता है I
और एक महत्व पूर्ण बात करना चाहूँगा की, किसी मेगेज़ीन /न्यूज़ पेपर या टीवी में दिखाए जाने वाले एड  या कोई बाबा के कहेने से प्रेरित होकर, उन के बहेकावे में भावुक होकर कभी भी आयुर्वेद दवाइयां न ले I आयुर्वेद की औषध हर एक व्यक्ति को समान रूप से लागु नहीं होती है I आयुर्वेद की साइड एफ्फेक्ट्स नहीं है ऐस्सा सोच कर बिना किसी सही डॉक्टर की सलाह के बिना सीधे ही मेडिकल स्टोर से आयुर्वेद औषधि लेकर उन का सेवन भी न करे Iखुद ब खुद आयुर्वेद औषध लेने से कभी भी फायदा नहीं मिलता है ये सब ही बातें आपको गलत दिशां में लेकर जाएँगी I आयुर्वेद एक शास्त्र है -  विज्ञान है ,सिर्फ आरोग्य पूरक टोनिक नहीं है ये ध्यान में रखें I
आज कल के मार्केटिंग और तकनिकी युग में गलत आदमी को पहचानना बहोत मुश्किल है लेकिन नामुमकिन नहीं है .
डॉक्टर और पेशंट दोनों की यह जिम्मेदारी रहेगी की सही आयुर्वेद का समर्थन करे और सही आयुर्वेद अपनाकर जहाँ पे आयुर्वेद के नाम पे गलत हो रहा हो उसका बहिस्कार करके उसके खिलाफ आवाज़ उठायें
मुजे आशा है की सही आयुर्वेद के डॉक्टर के पास से सही आयुर्वेद ट्रीटमेंट लेकर आपके जीवन में सही स्वस्थ्य हमेशा बना रहेगा ….
Author: Dr.Jigar Gor- An Ayurveda Consultant Doctor

Free GI diseases, Piles, Fissure, Fistula Awareness and Treatment Campaign निःशुल्क बवासीर, फिशर, भगन्दर व उदर रोग जागरुकता एव्ं चिकित्सा अभियान

निःशुल्क बवासीर, फिशर, भगन्दर व उदर रोग जागरुकता एव्ं चिकित्सा अभियान
श्री धन्वन्तरि क्लीनिक, गाजियाबाद द्वारा आर्थिक रूप से निर्बल बवासीर, फिशर, भगन्दर, पाइलोनिडल साइनस के रोगियों के लिये एक ‘निःशुल्क बवासीर, फिशर, भगन्दर व उदर रोग जागरुकता एव्ं चिकित्सा अभियान’ का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान में;
  1. गुदा व पेट की बीमारियों के बारे में जन-सामान्य को विभिन्न प्रचार माध्यमों द्वारा जागरूक किया जायेगा।
  2. आर्थिक रूप से निर्बल बवासीर, फिशर, भगन्दर, पाइलोनिडल साइनस के रोगियों के लिये निःशुल्क आयुर्वेदिक औषधियों व क्षार-सूत्र चिकित्सा की व्यवस्था उपलब्ध रहेगी।
कॄपया हमारे इस अभियान में शामिल हों व अधिक से अधिक संख्या में लोगों को इसके बारे में बतायें तथा ऐसे रोगियों को निःशुल्क इलाज के लिये हमारे पास भेजें।
धन्यवाद!
डा० नवीन चौहान
श्री धन्वन्तरि क्लीनिक, गाजियाबाद
सम्पर्कः +91-9818069989, 9536909883
Email: info@ayurvedapilescure.com

Free GI diseases, Piles, Fissure, Fistula Awareness and Treatment Campaign

A campaign about anorectal diseases is being run by Shri Dhawantari Clinic, Ghaziabad to spread the awareness about the anorectal and GI diseases and to help the poor patients. Details of the campaign are;
  1. Free educational and awareness programmes to be run in schools, colleges, villages, urban, slums, jhuggis about Piles (Bavaseer), Fissure, Fistula in ano (Bhagandar), Pilonidal sinus and Gastrointestinal problems etc.
  2. Absolutely Free treatments of anorectal and Gastrointestinal diseases by Ayurvedic medicines and Kshara sutra therapy for economically weak patients.
Be a part of our campaign to help the poor. If you know any such patient who can’t afford the treatment, send him to us. We shall provide absolutely free treatment for him/her.
For more details and registeration/referral kindly call us at +91-9536909883 or email at info@ayurvedapilescure.com
Thanks,
Dr. Naveen Chauhan
Director and Chief Consultant
Shri Dhanwantari Clinic, Ghaziabad

Saturday, April 6, 2013

सेक्‍स संबंधी भ्रम और तथ्‍य

सेक्‍स संबंधी भ्रम और तथ्‍य

विशेषज्ञों का कहना है कि हकीकत में कोई व्यक्ति सेक्स के बारे में एक अवधि के दौरान सीखता है यानि कि योनी में लिंग का प्रवेश करवाकर वीर्य गिराना हीं सेक्स नहीं है बल्कि सेक्स इससे कहीं ज्यादा है जिसे आदमी वक़्त के साथ सीखता जाता है। सेक्स के बारे में ऐसी कई बातें हो सकती हैं जो एक दो बच्चे को जन्म दे चुके माता पिता को भी मालूम नहीं होगा। इसलिए सिर्फ सम्भोग करना और बच्चे पैदा करना हीं सेक्स नहीं है। सेक्स के बारे में बहुत सी भ्रांतियां हैं जिसके लिए उचित शिक्षा की जरूरत है।  ऐसे कई विषय हैं जिनके बारे में कई लोग अलग अलग धारणा रखते हैं जैसे की लिंग का सामान्य आकर क्या होना चाहिए? सम्भोग कितनी देर तक चलना चाहिए? क्या पुरुष एक से अधिक बार चरमोत्कर्ष तक पहुँच सकते हैं? जी स्पोट जैसी कोई चीज भी होती है क्या? वगैरह -वगैरह? इनकी तरह और भी कई सवाल हैं जिनके बारे में अलग अलग लोगों की अलग राय  हो सकती है। लेकिन हकीकत कुछ और होती है।


लिंग का आकार: उस पर तथ्य

विशेषज्ञों के अनुसार अधिकांश पुरुष और महिलाएं लिंग के आकर को देखकर यह फैसला करते हैं कि उस आदमी में कितना पुरुषत्व होगा। जबकि हकीकत यह है कि पुरुष की मर्दानगी और उसके लिंग के आकार में कोई सम्बन्ध नहीं है। यह सोचना बिलकुल गलत है कि जिस व्यक्ति का लिंग बड़ा होगा उसमें उतनी हीं ज्यादा मर्दानगी होगी। अध्ययन में पाया गया है कि अधिकांश महिलाओं को अपने साथी के लिंग के आकार से कोई लेना  देना नहीं होता। वे अपने साथी के (लिंग का जो भी आकार होता है) उसी में खुश रहती हैं लेकिन विज्ञापनों में लिंग को बढ़ाने  की जिस तरह की बातें लिखी जाती हैं उसे पढकर महिलाओं में जहाँ उत्सुकता जागती है, वहीँ पुरुषों में अपने लिंग के आकार को लेकर कुंठा एवं हीं भावना ग्रसित होती है जिसकी वजह से वे अपने लिंग का आकार बढवाने के लिए डाक्टर्स के पास पहुँच जाते हैं।

तो फिर लिंग कितना बड़ा होना चाहिए? पुरुष के लिंग का सामान्य आकार क्या होता है?

  • औसतन जब पुरुष का लिंग तना हुआ रहता है यानि कि  पूर्ण उत्तेजना पाने के बाद सम्भोग के लिए (खड़ा) तैयार रहता है उस वक़्त में पाँच या छह इंच लम्बा होता है।
  • जब पुरुष का लिंग सिकुड़ा हुआ रहता है तब तीन इंच के आस-पास होता है। एक लड़की/महिला जिसने कभी किसी बच्चे को जन्म नहीं दिया है उसकी योनी की लम्बाई (गहराई), जब वह उत्तेजित नहीं रहती, तब तकरीबन ३ इंच होती है और जब वह उत्तेजित अवस्था में होती है तब ४ इंच होती है। इसका मतलब है कि  यदि आपके लिंग की लम्बाई ६ या ५ इंच न होकर सिर्फ ४ इंच भी हो तो भी आप अपने साथी को पूर्ण रूप से यौन संतुष्टि  दे सकते हैं। शायद इसीलिए कोई भी महिला अपने साथी के लिंग के आकर को लेकर चिंतित नहीं रहती। लेकिन फिर भी अगर आप अपने साथी को पूर्ण रूप से सेक्सुअल संतुष्टि नहीं दे पा रहे है तो इसके पीछे कुछ और कारण हो सकता है। लिंग के आकर से उसका कोई लेना देना नहीं होना चाहिए।  अब आप सोच रहे होंगे कि  यदि उत्तेजित अवस्था में स्त्री की योनी सिर्फ ४ इंच होती है तो जिन पुरुषों का लिंग ६ इंच या उससे बड़ा होता होगा उनका लिंग महिलाओं की योनी में कैसे समाता होगा! तो आपको यह जानकर हैरानी होगी की कुदरत ने स्त्री की योनी को इस प्रकार बनाया है कि  महिलाएं अपनी योनी में बड़े से बड़े लिंग को भी समा सकती हैं क्योंकि उनकी योनी की बनावट ऐसी होती है की ज्यों ज्यों लिंग भीतर समाता जाता है त्यों त्यों उनकी  योनी लम्बी होती चली  जाती  है। इसलिए आपका लिंग चाहे कितना भी बड़ा हो, चिंता मत कीजिए कि  वह आपके साथी की योनी में कैसे फिट होगा ! हाँ! अगर आपके लिंग की लम्बाई ५ इंच से ज्यादा हो तो झटके से लिंग को योनी में न प्रवेश करायें! यह राक्छ्सी यौन क्रिया कहलाएगी। एकाएक लिंग को योनी में प्रवेश कराने से आपके साथी की योनी उसे समाने के लिए तैयार नहीं हो पाती जिसकी वजह से दर्द इत्यादि हो सकता है। आपको चाहिए कि  आप आराम से अपने लिंग को उसकी योनी में समायें। इस तरह आप दोनों को आनंद आएगा।
  • वैसे भी यौन संतुष्टि के लिए हर बार सम्भोग करना हीं जरूरी नहीं है। अध्ययन से पता चलता है कि  अधिकांश पुरुष एवं महिलाओं को मौखिक सेक्स में भी सेक्स का भरपूर आनंद आता है इसलिए सिर्फ सम्भोग नहीं बल्कि मौखिक सेक्स भी किया करें।
हालांकि सेक्स विशेषज्ञ अपना विचार प्रकट कर चुके हैं कि यौन संतुष्टि के लिए लिंग का आकार महत्वपूर्ण नहीं है फिर भी अधिकांश पुरुष अपने लिंग के आकार को लेकर हमेशा चिंता में पड़े रहते हैं!